छिंदवाड़ा में तीन दिवसीय ‘कर्मयोगी कर्तव्य कार्यशाला’ का सफल आयोजन* # छिंदवाड़ा में तीन दिवसीय ‘कर्मयोगी कर्तव्य कार्यशाला’ का सफल आयोजन
छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश शासन की लोक प्रशासन व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह, प्रभावी एवं सेवाभावी बनाने के उद्देश्य से आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायण जी के निर्देशन में जिला ई-दक्ष केंद्र, छिंदवाड़ा में दिनांक 03, 04 एवं 05 नवंबर 2026 को तीन दिवसीय कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम (Karmayogi Kartavya Karyakram – KKK) के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
कलेक्टर कार्यालय छिंदवाड़ा द्वारा जारी आदेश के परिपालन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों के 100 से अधिक लोक सेवकों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण का उद्देश्य शासकीय सेवकों में कर्तव्य के प्रति समर्पण, कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण, नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता, उत्तरदायित्व एवं लोक प्रशासन में सेवा भाव की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना रहा।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के मास्टर ट्रेनर्स श्री अनुराग नेमा, श्री राघवेंद्र वसूले, श्री रविकांत सोनी एवं श्री महेंद्र साहू द्वारा विभिन्न विभागों से आए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लोक प्रशासन, कर्मयोग, कर्तव्यबोध, आंतरिक एवं बाह्य उत्कृष्टता तथा सेवाभावी कार्य संस्कृति से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं, कार्यक्षेत्र में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं एवं उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला की विशेष उपलब्धि यह रही कि प्रशिक्षण केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रतिभागियों को आत्मचिंतन, अनुभव साझा करने एवं अपने कार्यों का मूल्यांकन करने के अवसर भी प्रदान किए गए। प्रशिक्षणार्थियों ने समूह चर्चा एवं विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी आंतरिक उत्कृष्टता (Internal Excellence), बाह्य उत्कृष्टता (External Excellence), आंतरिक फल (Inner Outcome), बाह्य फल (Outer Outcome) तथा लोक सेवा के दौरान अपने योगदान से प्राप्त होने वाले आनंद एवं आत्मसंतुष्टि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार एवं अनुभव प्रस्तुत किए।
प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों हरेंद्र नारायण जी के निर्देशन में जिला ई-दक्ष केंद्र, छिंदवाड़ा में दिनांक 03, 04 एवं 05 नवंबर 2026 को तीन दिवसीय कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम (Karmayogi Kartavya Karyakram – KKK) के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
कलेक्टर कार्यालय छिंदवाड़ा द्वारा जारी आदेश के परिपालन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों के 100 से अधिक लोक सेवकों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण का उद्देश्य शासकीय सेवकों में कर्तव्य के प्रति समर्पण, कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण, नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता, उत्तरदायित्व एवं लोक प्रशासन में सेवा भाव की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना रहा।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के मास्टर ट्रेनर्स श्री अनुराग नेमा, श्री राघवेंद्र वसूले, श्री रविकांत सोनी एवं श्री महेंद्र साहू द्वारा विभिन्न विभागों से आए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लोक प्रशासन, कर्मयोग, कर्तव्यबोध, आंतरिक एवं बाह्य उत्कृष्टता तथा सेवाभावी कार्य संस्कृति से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं, कार्यक्षेत्र में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं एवं उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला की विशेष उपलब्धि यह रही कि प्रशिक्षण केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रतिभागियों को आत्मचिंतन, अनुभव साझा करने एवं अपने कार्यों का मूल्यांकन करने के अवसर भी प्रदान किए गए। प्रशिक्षणार्थियों ने समूह चर्चा एवं विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी आंतरिक उत्कृष्टता (Internal Excellence), बाह्य उत्कृष्टता (External Excellence), आंतरिक फल (Inner Outcome), बाह्य फल (Outer Outcome) तथा लोक सेवा के दौरान अपने योगदान से प्राप्त होने वाले आनंद एवं आत्मसंतुष्टि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार एवं अनुभव प्रस्तुत किए।
प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों में इस बात पर विशेष जोर दिया कि शासकीय सेवा केवल एक नौकरी अथवा दायित्व निर्वहन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज एवं नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। जब कोई लोक सेवक अपने कार्य को केवल औपचारिक जिम्मेदारी न मानकर सेवा, संवेदनशीलता एवं समर्पण के भाव से करता है, तभी वह वास्तविक अर्थों में कर्मयोगी बनता है।
कार्यशाला के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रत्येक शासकीय कर्मचारी अपने पद, विभाग एवं कार्यक्षेत्र की सीमाओं से ऊपर उठकर नागरिकों की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे। कार्य में उत्कृष्टता, व्यवहार में विनम्रता, निर्णयों में निष्पक्षता और सेवा में समर्पण ही एक आदर्श कर्मयोगी लोक सेवक की वास्तविक पहचान है।
तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने जिले के विभिन्न विभागों के लोक सेवकों को अपनी कार्यशैली का आत्ममूल्यांकन करने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा शासन की जनकल्याणकारी मंशा को धरातल पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए नई ऊर्जा एवं प्रेरणा प्रदान की।
कार्यशाला का मूल संदेश यही रहा कि – शासकीय सेवा केवल कार्य करना नहीं, बल्कि अपने कर्तव्य के माध्यम से समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। जब कर्तव्य में सेवा भाव और कार्य में उत्कृष्टता जुड़ जाती है, तभी एक कर्मचारी वास्तविक अर्थों में ‘कर्मयोगी’ बनता है।



